बुलन्दशहर: रिजल्ट आने पर खुल जायेगी ओपिनियन पोल की पोल: मायावती

2017-02-02 09:30:00.0

बुलन्दशहर: रिजल्ट आने पर खुल जायेगी ओपिनियन पोल की पोल: मायावतीरिजल्ट आने पर खुल जायेगी ओपिनियन पोल की पोल: मायावती

बुलन्दशहर : हाथरस बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती ने विधानसभा चुनाव को लेकर कराये जा रहे विभिन्न सर्वेक्षणों और ओपिनियन पोल पर सवाल उठाये हैं। उन्होंने कहा कि विरोधी दल जबरदस्ती हवा बनाने की कोशिश में हैं और अपने पक्ष में ओपिनियन पोल मैनेज करा रहे हैं, लेकिन हमारी जनता गुमराह नहीं होगी और ओपिनियन पोल की पोल रिजल्ट आने पर खुल जायेगी। मायावती ने यहां अपनी चुनावी सभाओं में एक बार फिर अपने पुरानी बातें दोहरायीं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सहित कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के गठबन्धन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार आने पर सभी वर्गों का आरक्षण समाप्त कर दिया जायेगा। इसलिए दलितों, ओबीसी और अल्पसंख्यकों का भाजपा को वोट देने का मतलब अपने आरक्षण के खिलाफ वोट देना है। अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारना है। मायावती ने कहा कि जबकि बसपा उच्च वर्ग के गरीबों को आरक्षण देने की भी हिमायती है। बसपा मुखिया ने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर नोटबन्दी जैसे अन्य पीड़ादायी फैसले भी लिए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार विकास और कानून व्यवस्था की बड़ी-बड़ी बातें कर रही है, लेकिन पूर्व की अपनी सरकारों में उसने इस पर ध्यान नहीं दिया और केवल आरएसएस के ही एजेण्डे पर चलती रही। इस वजह से उसे अपनी सरकार भी गंवानी पड़ी। मायावती ने कहा कि जब केन्द्र सरकार में होने के बावजूद पार्टी दिल्ली में ही बेहतर कानून व्यवस्था नहीं लागू कर पा रही है तो उससे कई गुना ज्यादा बड़े यूपी में कैसे कर पायेगी। मायावती ने भाजपा पर अल्पसंख्यक समुदाय के साथ पक्षपात करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ विवि सहित जामिया विवि का अल्पसंख्यक का दर्जा छीना जा रहा है। तीन तलाक और कॉमन सिविल कोड में दखल देने की भी कोशिश हो रही है, जिससे बसपा सहमत नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में साम्प्रदायिकता, कट्टरपंथी ताकतों को मजबूत करने की कोशिश हो रही है। आतंकवाद के नाम पर अल्पसंख्यकों को शक की नजरों से देखा जा रहा है। मायावती ने कहा कि इसी तरह भाजपा ने अपनी जातिवादी मानसिकता के कारण दलितों का शोषण किया है। उन्होंने रोहित वेमुला दयाशंकर काण्ड का भी जिक्र किया। बसपा मुखिया ने नोटबन्दी को लेकर एक बार फिर केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर हमला बोला और कहा कि इन लोगों द्वारा नोटबन्दी से पहले अपनी पार्टी, वरिष्ठ नेताओं और चहेतों का कालाधन पहले ही ठिकाने लगाने की चर्चा है। मोदी सरकार ने अपने खास चेहते पूंजीपतियों, धन्नसेठों को पहले से कई गुना ज्यादा मालामाल किया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने बजट में भी नोटबन्दी के तीन महीनों में कितना कालाधन वापस आया, कितनी कार्यवाही हुई, नहीं बोला। उन्होंने कहा कि केवल अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए जनता का ध्यान बांटने के लिए केन्द्र सरकार ने यह कदम उठाया। बसपा सुप्रीमों ने केन्द्रीय बजट को हवा-हवाई और खोखला भी बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव को ध्यान में रखकर आंकड़ों का मायाजाल फैलाया गया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह सपा सरकार आने पर प्रदेश में दादरी, मुजफ्फरनगर काण्ड और बुलन्दशहर जैसी घटनाएं फिर होंगी। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार बनने पर हर क्षेत्र का सरकारी कोष के हिसाब से विकास होगा। बिना बजट के सपा सरकार की तरह सिर्फ घोषणाएं नहीं की जायेंगी। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार में अब स्मारक, पार्क आदि नहीं बनाये जायेंगे। हमारी सरकार पूरी ताकत प्रदेश को सुरक्षित और विकसित बनाने में लगायेगी। केन्द्र सरकार से जो काम कराने हैं, उनकी पैरवी की जायेगी। उन्होंने गरीबों के एक लाख तक के कर्ज माफ, प्राथमिक स्कूलों में दूध बिस्किट, फल, अण्डा आदि की गुणवत्तपरक व्यवस्था, गरीबों को सीधे तौर पर आर्थिक मदद, सस्त राशन, बिजली, सड़क पानी की बेहतर व्यवस्था और सपा सरकार द्वारा बन्द की गई पूर्व बसपा सरकार की योजनाओं को फिर से शुरू करने जैसे वादे भी किए।

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