गोरखपुर: बाढ़ से जनजीवन बदहाल, सेना और NDRF ने संभाला मोर्चा

गोरखपुर: बाढ़ से जनजीवन बदहाल, सेना और NDRF ने संभाला मोर्चाबाढ़ से जनजीवन बदहाल, सेना और NDRF ने संभाला मोर्चा

गोरखपुर : बाढ़ ने लोगों के जीवन को पूरी तरह से अस्त व्यस्त कर दिया है। बंधों और रेगुलेटर में रिसाव तेज हो गया है। सेना, एनडीआरएफ ने मोर्चा संभाल लिया है। नौसढ़ में पानी का रिसाव होने के कारण सड़क धंस गयी जिससे लखनऊ मार्ग पर आवागमन रोक दिया गया और सभी गाड़ियों को फोरलेन की तरफ डाइवर्ट कर दिया गया। नौसढ़ के आगे सरदार मोटर्स के पास सड़क धंसने के चलते भारी वाहनों को लखनऊ की तरफ जाने से रोक दिया गया है। कुछ वाहनों को बाघागाड़ा की तरफ फोरलेन पर डायवर्ट किया गया है। वही दूसरी तरफ चोरमा रेगुलेटर में भारी रिसाव से पूरा सहजनवां खतरे में है। पानी बढ़ा तो गोरखपुर-लखनऊ रेलमार्ग भी डूब सकता है। गोरखनाथ और चिलुआताल इलाके में बसी कुछ नई कालोनियों में पानी घुस गया है। उधर, इलाहीबाग में रेगुलेटर से पानी का रिसाव होने से मोहल्लों में पानी आ गया है। सहजनवां के बोक्टा-बरवार बांध पर बरवार गांव के पास गाहासाड़-कालेसर के बीच दो स्थानों रिसाव तेज हो गया है। 100 मीटर बांध दलदल में बदल गया है। सहजनवां-डुमरियां बाबू बांध के चोरमा रेगुलेटर पर स्थिति बिगड़ गई है। रेगुलेटर के दो फाटकों में तेजी से हो रहे रिसाव के बाद सिंचाई विभाग हाथ खड़ा कर दिया है, जबकि ओवरफ्लो होने में मात्र पांच इंच का ही फासला बचा है। पानी बढ़ा तो यहां ओवरफ्लो शुरू हो जाएगा। आस-पास के गांवों में दशहत के नाते लोग बांधों पर शरण लेने लगे हैं। सिसई के पास बना इस्पर भी तेजी के साथ कट रहा है। अमसार, भक्सा माफी, कुसम्हा कला, मटियारी तथा पिपरौली ब्लाक का उत्तरी कोलिया पूरी तरह जल मग्न हो गया है जहां नाव से ही पहुंचा जा सकता है। आमी नदी के कारण गहिरा तथा बघौड़ा में भी इसी तरह के हालात हैं, जबकि खाड़पतोहरा, सिसई, बेलवाडाडी, कटका, हरदी, फरसाडार, ताल नगरी जरलही, कोड़री कला, कैली, गाडर प्रभावित हो गए हैं। प्रशासन ने यहां 13 नाव लगाई हैं। राहत सामग्री नहीं पहुंची है। कोई जानी नुकसान तो नहीं हुआ है लेकिन दो दर्जन से अधिक मकान गिर चुके हैं। विधायक शीतल पांडेय, एसडीएम दिनेश मिश्र और सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार बंधों पर दौरा कर रहे हैं। सरहरी में रोहिन नदी का तांडव जारी है। बांध टूटने के बाद भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ में डूब गए हैं। इन गांवों में आठ फुट पानी जमा है। कई जगह तो मकान की दूसरी मंजिल भी डूब गई है। आपदा राहत दल के मोटर बोट से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। गोरखनाथ के वार्ड नंबर 43 स्थित द्वारिकापुरी कालोनी पूरी तरह पानी में डूब गया है। दस नंबर बोरिंग से अंदर नाया गांव में भी पानी आ गया है। ग्रीन सिटी के आसपास जलस्तर बढ़ने से लोगों में दहशत है। द्वारिकापुरी कालोनी में तो पूरी तरह से बाढ़ का पानी घुस चुका है। बड़ी संख्या में लोग घरों पर ताला लगाकर पलायन कर गए हैं। पुलिस ने यहां के लोगों से घर बंद कर इलाका खाली करने को कह दिया है। महेसरा पुल के पास दोनों तरफ बसी नई कालोनियां डूब चुकी हैं। रोहिन नदी ने मछलीगाव अलगटपुर पर बंधे पर सुबह हुई कटान से गांव में पानी घुस गया। पुलिस और पीएसी के जवानों ने घरों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। 50 परिवार के लोग बंधे पर शरण लिए हैं। अलगटपुर खास, सोनाटिकर, गुलरिहा, गिद्धा, मोहनाग के गांव में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। खपरैल और पुराने कच्चे मकान ध्वस्त हो गए हैं। मकान कच्चे मकान झोपड़ी के आवास ध्वस्त हो गए है। पुलिस ने मछली गांव में कैंप कर रहे पीएसी के जवानों को बुलाया। क्षेत्राधिकारी आशुतोष कुमार लगातार कैंप कर रहे हैं। दौलतपुर गांव बाढ़ की चपेट में आ गया है। बड़ी संख्या में लोग गांव से पलायन कर गए हैं। जिला प्रशासन की तरफ से अभी किसी के न पहुंचने पर लोगों में आक्रोश है। कई घरों में चार फीट पानी पहुंच गया है। कई एकड़ फसल डूब गई है। प्रधान अनिल कुमार मौर्या ने बताया कि लेखपाल कानूनगो ने रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को भेजी है। बाढ़ में फंसे लोगों को एसएसबी फर्टिलाइजर परिसर में भेजा जा रहा है।

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