लखनऊ: सामान्य सेवा केंद्र के जरिए मिले कानूनी सहायता: योगी

लखनऊ: सामान्य सेवा केंद्र के जरिए मिले कानूनी सहायता: योगीसामान्य सेवा केंद्र के जरिए मिले कानूनी सहायता: योगी

लखनऊ : राज्य के किसी गांव में जब कई छोटी घटनाएं एक के बाद एक होने लगती हैं तो उसके चलते कोई बड़ी दुर्घटना हो जाती है। अगर इन्हें समय रहते निपटा लिया जाए तो एक बड़ा हादसा टाला जा सकता है। यह बात मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही। योगी उच्च न्यायालय के नवनिर्मित भवन में उप्र राज्य कानून सेवा प्राधिकरण व भारत सरकार के न्याय विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ह्यूमेनस्ट्रीमिंग ऑफ टेली लॉ सर्विस थ्रू कॉमन सर्विस सेंटर्स के शुभारम्भ के अवसर पर बोले रहे थे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, राज्य के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश दीपक मिश्रा और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. भोसले भी मौजूद थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर ग्राम स्तर पर पंच परमेश्वर व्यवस्था होती तो आगरा जैसी घटना नहीं होती। उन्होंने कहा कि मेनस्ट्रीमिंग ऑफ लीगल एड थ्रू कॉमन सर्विस सेंटर से गरीबों को लाभ होगा। इस योजना से लोगों को सस्ता और सुलभ न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह सेवा केंद्र एक अच्छी पहल है और उप्र सरकार इस पहल को हर तरह से सहयोग करेगी। इस पहल से जनता का न्यायिक व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि टेली लॉ न्याय के क्षेत्र में एक क्रांति है और उप्र में हमने 62,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर शुरू किए हैं। उन्होंने कहा कि इस सेवा केंद्र के जरिए कानूनी मदद से सभी को न्याय मिलेगा। केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि 10 साल से ज्यादा लंबित मुकदमों को निपटाने के लिए देश भर में न्याय मित्र नियुक्त होंगे। इसमें सेवानिवृत्त न्यायाधीश पुलिस से बात कर मुकदमे निस्तारित कराएंगे। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कहा कि पैरा लीगल वालंटियर गरीबों की जरूरत बनें। उनको न्याय दिलाने के काम में तन और मन से लगें। उन्होंने कहा कि पैरा लीगल वालंटियर की संख्या 54,000 से बढ़ा कर 90,000 की जाएगी।

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