सहारनपुर अधिकारी अपने-अपने विभाग की कार्ययोजना तैयार करे: N P सिंह

सहारनपुर अधिकारी अपने-अपने विभाग की कार्ययोजना तैयार करे: N P सिंहसहारनपुर अधिकारी अपने-अपने विभाग की कार्ययोजना तैयार करे: N P सिंह

सहारनपुर : जिलाधिकारी एन0पी0सिंह ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने विभाग की कार्ययोजना तैयार कर लें कि उन्हे बाढ की स्थिति में कौन-कौन से गंाव प्रभावित होते है वहां के लोगो को किन-किन समस्याओ का समाना करना पडेगा, कौन से तटबन्ध कमजोर है, कहां-कहां ठोकरे लगाई जानी आवश्यक है। चारे, खाद्यान्न, बचाव राहत, मानव व पशुओ के लिये बीमारी होने पर किन-किन दवाईयों की आवष्यकता होगी, प्लान बनाकर उसकी उपलब्धता सुनिष्चित करें। कलेक्ट्रेट में बाढ एवं सूखा रहित सम्बन्धी बैठक में जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि पहाडो पर अधिक वर्षा होने पर बैराज से कितना-कितना पानी, कब-कब छोडा जाये और विगत 13 वर्षो में सबसे अधिक बाढ आने पर क्या-क्या उपाय किये गये की विस्तृत रिर्पोट बनाकर प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी को बताया गया कि वर्षा के दौरान जनपद के 176 गांव प्रभावित हुए है जिनमें 12 गांव अति संवदेनशील गांव है। तहसील बेहट के गांव में बाढ के दिनों में सबसे अधिक कटान होता है। जिसमें मानव, मकान, सडक व फसले आदि प्रभावित होते है। नकुड तहसील में ज्यादातर फसलो व सडको को हानि होती है। उन्हे अवगत कराया गया कि 1978 व 2013 में यमुना नदी में सबसे अधिक बाढ आयी और 35 तटबन्ध बनाये गये है। जिलाधिकारी ने विगत पांच वर्षो में बनाये गये तटबन्धो व प्राप्त बजट के बारे में रिर्पोट देने के निर्देष दिये। उन्होने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी यह सुनिष्चित कर लें कि उनके द्वारा कम समय में तत्काल क्या-क्या सहायता दी जानी है। बाढ के दिनों में सफाई व्यवस्था पर विषेश ध्यान दिया जाये। उन्होने कहा कि जिन क्षेत्रो में बाढ आती है वहां के लोग पीढी दर पीढी सुरक्षा करने हेतु अभ्यस्त हो जाते है लेकिन हमें भी उनकी सुरक्षा का पूरा-पूरा ध्यान रखना है। एस0डी0एम0 बेहट व नकुड भी अपने क्षेत्रो सुदृड योजना हेतु स्थलीय भ्रमण कर लें। बाढ चौकियों पर पर्याप्त स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाये ऐसी व्यवस्था की जाये बाढ की स्थिति में उन चौकियो पर सम्पर्क बना रहे और संवेदनशील स्थानो पर नाव, नाविक, मल्लाहो की व्यवस्था तथा बाढ प्रभावित ग्रामो की बाढ के समय सुरक्षा के लिये आवष्यक कार्यवाही की जाये। जिलाधिकारी ने सिचंाई, जल निगम, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त बन्धो, ठोकरो, सडको, पुलों, पुलियाओ की मरम्मत का कार्य तथा पेयजल पाईप लाईन की मरम्मत कार्य, क्षतिग्रस्त स्कूलो/स्वास्थय केन्द्रो की मरम्मत का कार्य वर्षा से पूर्ण करने के निर्देष दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि सूखे की स्थिति में भी बीमारियां फैलती है जिसमें पशु व मनुष्य दोनो प्रभावित होते है। स्वास्थ्य व पशुविभाग से सम्बन्धित फैलती है उसकी रोकथाम हेतु पर्याप्त मात्रा में दवाईयों की उपलब्धता बनाये रखें। पषुओ के लिये चारे व टीकाकरण कराकर पषुओ को रोगो से निजात दिलाये। उन्होने सभी तालाबो मे जल भरवाने के निर्देष सिंचाई तथा जल विभाग के अधिकारियों का दिये। बैठक में अपर जिलाधिकारी(प्रषासन) एस0के0दुबे, अपर जिलाधिकारी (वि0रा0) हरीष चन्द्र, एस0पी0देहात रफीक अहमद सहित सम्बन्धित विभागो के अधिकारी उपस्थित थे।

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