सहारनपुर: सबीरपुर के खूनी संघर्ष में एक युवक की मौत, दो इंस्पेक्टरों समेत दर्जनों ग्रामीण जख्मी PSC व पुलिस बल तैनात

सहारनपुर: सबीरपुर के खूनी संघर्ष में एक युवक की मौत, दो इंस्पेक्टरों समेत दर्जनों ग्रामीण जख्मी PSC व पुलिस बल तैनातसबीरपुर के खूनी संघर्ष में एक युवक की मौत, दो इंस्पेक्टरों समेत दर्जनों ग्रामीण जख्मी PSC व पुलिस बल तैनात

सहारनपुर : सबका साथ-सबका विकास का नारा देकर सत्ता में आई भाजपा सरकार की कानून व्यवस्था उस समय तार-तार हो गई, जब कुछ हिन्दू संगठनो से जुडे दबंग युवकों ने थाना बडगांव के गांव सबीरपुर में दलितों के ऊपर न केवल धारदार हथियारो से हमला किया बल्कि उनके घरों को आग के हवाले कर दिये। इतना ही नही दबगों ने गांव से बाहर बने दलितों के उपलों के बिटोडे भी फुक दिये। दबगों ने फाईरिंग भी की तथा दलितों को घरों से निकाल निकाल कर बुरी तरह से पीटा। यहां खुनी सघंर्ष में एक युवक की मौत हो गई, जबकि पुलिस के दो इस्पेक्टरों समेत एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हों गये हैं। घायलों में आधा दर्जन महिलायें भी शामिल हैं। जिलाधिकारी नागेन्द्र प्रसाद सिंह एंव एसएसपी एस.सी. दुबे समेत तमाम पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी गांव सबीरपुर रह कर हालत पर नियन्त्रण करने का प्रयास करने में लगे हैं।थाना बडगांव क्षेत्र के गांव सबीरपुर में बगैर किसी अनुमति के कुछ युवक महाराणा प्रताप की जयन्ती पर शोभा यात्रा निकाल रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इसी बीच किसी शरारती तत्व ने गांव में लगी डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा के साथ छेड छाड कर दी। इसका विरोध गांव के दलितों ने किया तो महाराणा प्रताप के अनुयाई दलितो पर भूखे भेडियों की तरह टूट पडे। राजपूत युवाओं की ओर से दलितो पर तलवारो से हमला किया गया। बताया गया है कि दंबगों ने आधा घंटे तक गांव सबीरपुर को अपने कब्जे में किए रखा और पुलिस को गांव में नही घुसने दिया। दलितो की ओर से भी बचाव में हमलावरो पर पथराव किया। इसी बीच दबंगो ने दलितों के घरो में आगजनी शुरू कर दी। इतना ही नही अताताईयो ने गांव के बाहर बने उपलो के बिटोडो को आग के हवाले करना शुरू कर दिये। घटना की सूचना पर पहुंची थाना बडगांव एवं देवबंद कोतवाली पुलिस ने जब दंगाईयों पर काबू पाने की कोशिश की तो इसी दौरान किए गये दोनों पक्षों की ओर किए गये पथराव में देवबंद कोतवाल चमन सिंह चावडा एवं कोतवाल बडगांव भी घायल हो गए। दोनो पक्षों के बीच हुयंे खूनी संघर्ष में सुमित पुत्र ब्रहमपाल सिंह की सिर मे ईंट लगने से मौत हो गयी। घायलों में प्रदीप पुत्र इन्द्रपाल, श्रीमती कमला पत्नि दलसिंह, श्रीमति शिमला पत्नि धर्मपाल, अनिल पुत्र कर्म सिंह, सन्दीप पुत्र विजेन्द्र, सुशीला, श्रीमति प्रदीप कौर, अग्नि भास्कर पुत्र दिलाराम, श्रीमति रोशनी पत्नि गोपीचंद, संत कुमार पुत्र शिव कुमार, रामेश्वर कुमार, दीपक, सन्नी, संगम कुमार, पूर्व प्रधान नरेश कुमार, एवं गांव बुडढा खेडा निवासी मेनपाल गंभीर रूप से घायल हो गये। जिन्हे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समाचार िलखे जाने तक गांव सबीरपुर में कैंप किए हुए थे। गांव में भारी संख्या में पुलिस, पीएसी एवं रैपिड एक्शन फोर्स के जवान तैनात किए गए है जो स्थिति को नियंत्रण करने में लगे हुए है। पुलिस ने कई दंगाईयों हिरासत में भी लिया है।इन्सेटथाना बडगांव क्षेत्र के गांव सबीरपुर में राजपूत, दलित एवं अल्पसंख्यक व अन्य पिछडा वर्ग की मिश्रित आबादी है। प्रशासन की बगैर अनुमति के निकाली गई महाराणा प्रताप जंयती की शोभा यात्रा के दौरान कुछ शरारती तत्वों ने डा0अम्बेडर की प्रतिमा के साथ छेडखानी की तो मामला तूल पकड गया। इसी दौरान निकटवर्ती गांव शिमलाना स्थित महाराणा प्रताप इंटर कालेज में महाराणा प्रताप जंयती का समारोह चल रहा था जिसमें हरियाणा, उत्तराखंड के साथ-साथ पश्चिमी उप्र के कई जनपदों के क्षत्रिय समाज के लोग जमा थे। गांव सबीरपुर की घटना की जैसे ही जानकारी मिली तो यहां पर जमा ज्यादातर लोग इस गांव ओर कूच कर गए तथा इससे स्थिति लगातार न केवल विस्फोटक होती चली गयी, बल्कि खूनी संघर्ष मंे तब्दील हो गयी।



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