सहारनपुर: सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रांे फर्जी आंकड़ेबाजी से बाज आये: एम.पी.अग्रवाल

सहारनपुर: सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रांे फर्जी आंकड़ेबाजी से बाज आये: एम.पी.अग्रवाल

सहारनपुर : मण्डलायुक्त एम.पी.अग्रवाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपने कार्य पद्धित में पारदर्शिता लाये। उन्होंने कहा कि फर्जी आंकड़ेबाजी से बाज आये, ऐसे कार्य करें जिससे स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समाज के सबसे गरीब तबके को भी आसानी से मिल सकें। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रांे पर होने वाले प्रसव की लाभार्थियों को मिलने वाली धनराषि एक सप्ताह के भीतर उनके खाते में पहुंचाना सुनिशिचत करें। उन्होंने सहारनपुर जनपद के पब्लिक फेसल्टी में स्टेट एवरेज से कम होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जिला अस्पताल में डायलेसिस यूनिट के संचालन ना होने पर भी सम्बधिंत अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई।श्री अग्रवाल आज यहां सर्किट हाऊस के सभा कक्ष में मण्डलीय स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कतिपय शिकायतें मिल रही है कि आशा व ए.एन.एम. नियमित रूप से ग्रामों का भ्रमण नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर जनपद के नानौता व नागल ब्लाक में कार्यरत 'आशा' की कार्यशैली अत्यंत ही चिंताजनक है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिये कि वे स्वयं इस कार्य का पर्यवेक्षण कर आशा व ए.एन.एम. को गर्भवती महिलाओं एवं छोटे बच्चों की देखभाल करने के लिए भेजना सुनिशिचत करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 0 से 7 दिनों के भीतर देखभाल जरूरी है। लेकिन मण्डल के तीनों जनपदों के सभी सीएमओ आशा को निर्देशित करें कि अपने क्षेत्र में जन्में बच्चों की नियमित जांच करायें। इसमें किसी प्रकार की कोताही किसी भी स्तर पर बर्दाशत नहीं होगी। मण्डलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जीएसवाई योजना के अंतर्गत प्रसव उपरांत लाभार्थि महिलाओं को घर तह पहंुचाया जाना सुनिशिचत करें। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिशिचत किया जाये कि घर तक पहुंचाने के लिए कोई एम्बुलेंस चालक लाभार्थी महिला से पैसों की ना मांग करें। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस सेवा '108' व '102' निःशुल्क सेवाएं है इसका लाभ आम जन को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कतिपय स्थानों से शिकायत मिल रही है कि ग्राम स्वास्थ्य समिति के खातों में रखे धन का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी धनराशि का सही उपयोग ग्राम प्रधान व स्थानीय जनता की स्वास्थ्य सुविधा में किया जाये। उन्होंने कहा कि जहां इस धनराशि के सम्बन्ध में कोई परेशानी आ रही है तो मुख्य चिकित्साधिकारी अपने स्तर से समस्या का निदान करें। श्री अग्रवाल ने कहा कि जिन जनपदों में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र या प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का निर्माण किया जा रहा है। वहां अधिकारी निर्माण एजेंसी से समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करा लें। उन्होंने कहा कि जिन निर्माण एजेंसी द्वारा कार्यों की गुणवत्ता एवं मानकों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है उनके बारे में अवगत कराये, जिससे उनके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जा सकें। उन्होंने कहा कि मण्डल के सभी अधिकारी अपने जनपदों में निरंतर लिंग परीक्षण केन्द्रों की जांच करें। अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों की जांच के साथ ही लिंग परीक्षण वाले केन्द्रों पर भी पैनी नजर रख कर उनके विरूद्ध सख्त कार्यवाही करायें। उन्होंने कहा कि नवजात बच्चों में नियमित टीकाकरण कराया जाये। स्तनपान के प्रति महिलाओं में जागरूकता अभियान चलाया जाये। स्तनपान कराने से महिला व बच्चों को होने वाले फायदों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाये। इसके लिए समय-समय पर कार्यशाला भी आयोजित कराई जाये। मण्डलायुक्त ने सभी अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सभी मण्डलों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। लगभग पांच मण्डलों का निरीक्षण मुख्यमंत्री के द्वारा किया जा चुका है। बहुत संभावना है कि आगामी निरीक्षण सहारनपुर मण्डल का हो सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले विशयों में है। इसलिए सभी अधिकारी अपनी कार्य संस्कृति में बदलाव और पारदर्शिता लायें। इस अवसर पर अपर आयुक्त उदय राम, अपर निदेशक स्वास्थ्य डा0आशा शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहारनपुर डा. बीएम सोढ़ी, मुजफ्फरनगर डा. पी.पी.मिश्रा, शामली डा. विनीता अग्निहोत्री सहित सभी डिप्टी सीएमओ सहित वरिश्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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