प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली के बाद भाजपा को रोहनिया में कमल खिलने की उम्मीद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली के बाद भाजपा को रोहनिया में कमल खिलने की उम्मीदप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली के बाद भाजपा को रोहनिया में कमल खिलने की उम्मीद

वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अपने संसदीय क्षेत्र में तीन दिवसीय दौरे के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बेहद उत्साहित है। पार्टी को उम्मीद है कि इससे विधानसभा चुनाव में न सिर्फ काशी की आठ विधानसभाओं बल्कि पूरे पूर्वांचल में उसे व गठबन्धन उम्मीदवारों को फायदा मिलेगा। वाराणसी में सेवापुरी, शिवपुरी, अजगरा, पिंडरा, शहर उत्तरी, शहर दक्षिणी, कैण्ट और रोहनिया विधानसभा हैं। इनमें रोहनिया सीट की बात करें तो यहां दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। भाजपा की कोशिश है कि इस सीट पर उसके प्रत्याशी की जीत की राह में गठबन्धन पार्टी अपना दल का विवाद रोड़ा नहीं बने। इसलिए प्रधानमंत्री ने भी इस सीट पर फोकस करते हुए यहां खुशीपुर में जनसभा की। प्रधानमंत्री के जनपद में आने के बाद पार्टी अब रोहनिया में कमल खिलने के प्रति आश्वस्त है। इस विधानसभा से अपना दल के कृष्णा गुट की ओर से कृष्णा पटेल खुद चुनाव मैदान में हैं, जबकि अपना दल (सोनलाल) भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र नारायण सिंह का समर्थन कर रहा है। इसकी अध्यक्ष और केन्द्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल पर भाजना प्रत्याशी को जिताने का दबाव भी है। वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के गठबन्धन के उम्मीदवार विधायक महेंद्र पटेल हैं, जबकि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने प्रमोद सिंह को प्रत्याशी बनाया है। दरअसल वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में यहां से अपना दल की अनुप्रिया पटेल जीती थीं। वहीं 2014 के लोकसभा चुनाव में उनके मिर्जापुर से सांसद बनने के बाद सीट पर हुए उपचुनाव में सपा के महेंद्र पटेल ने कृष्णा पटेल को हराकर जीत दर्ज की थी। बाद के सियासी घटनाक्रम अपना दल में फूट पड़ने के बाद कृष्णा पटेल और उनकी बेटी अनुप्रिया ने अपने-अपने गुट के मुखिया बन गए हैं। हालांकि पार्टी का चुनाव निशान अनुप्रिया के पास ही आया है और उनके दल अपना दल (सोनलाल) को मान्यता मिल चुकी है। इस पूरे सियासी माहौल के बीच पीएम मोदी का यहां अपनी जनसभा में अनुप्रिया को अपना दल के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल के असली सियासी वारिस के तौर पर पेश करना भी भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने में सहायक होगा। पीएम मोदी ने सोनलाल पटेल से अपने पुराने रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके मन में सरदार पटेल के प्रति गहरी श्रद्धा थी और इस वजह से वह गुजरात में मेरे मुख्यमंत्री रहते अक्सर मिलने आते थे। पीएम मोदी ने सोनलाल से अपनी मुलाकातों का जिक्र करते हुए कहा कि वह इस क्षेत्र में गुजरात की अमूल डेरी तरह व्यवस्था करना चाहते थे। जो बीज उन्होंने बोया उनकी बेटी अनुप्रिया उन सपनों को पूरा करने में जी-जान से जुटी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे क्षेत्र में आकर उन्हें गर्व महसूस होता है। वाराणसी में विधानसभा चुनाव के सातवें और अन्तिम चरण के तहत आठ मार्च को मतदान होना है। बीते विधानसभा चुनाव में भाजपा यहां की तीन सीटें जीतने में कामयाब हुई थी। इस बार उसे उम्मीद है कि मोदी फैक्टर न सिर्फ काशी बल्कि पूरे पूर्वांचल में काम करेगा और इससे विधानसभा में उसका बहुमत का मार्ग प्रशस्त होगा।

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