पणजी: गोवा चुनाव: टिकट बंटवारे से नाराज हैं भाजपा, कांग्रेस के बड़े नेता

पणजी: गोवा चुनाव: टिकट बंटवारे से नाराज हैं भाजपा, कांग्रेस के बड़े नेतागोवा चुनाव: टिकट बंटवारे से नाराज हैं भाजपा, कांग्रेस के बड़े नेता

पणजी : गोवा विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा और कांग्रेस के टिकट बंटवारे से नाराज दोनों दलांे के कुछ बड़े नेताओं ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरा है तो कुछ लोगों ने चुनाव प्रचार से हाथ खींच लिए हैं। गोवा की 40 सदस्यीय विधानसभा में 21 विधायकों के साथ सरकार चला रही भाजपा ने अपने तीन मौजूदा विधायकों का पत्ता काटकर उनकी जगह कांग्रेस छोड़कर आए नेताओं को टिकट दिया है। संत आन्द्रे क्षेत्र से विधायक विष्णु वाघ को स्वास्थ्य कारणों से टिकट नहीं दिया गया है, वहीं कानाकोना विधायक रमेश तवाडकर का नाम सूची में नहीं होने से उन्हें झटका लगा है। तवाडकर ने कहा, मुझे सूची से बाहर रखने के लिए भाजपा को अनुसूचित जनजाति समुदाय का विद्रोह झेलना पड़ेगा। जिन विधानसभा क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति समुदाय की जनसंख्या निर्णायक कारक है, वहां उन्हें (भाजपा को) झटका लगेगा। पूर्व मंत्री ने अब कानाकोना सीट से निर्दलीय विधायक के रूप में पर्चा भरा है। गोवा विधानसभा के अध्यक्ष तथा मायेम से भाजपा विधायक अनंत शेत को भी टिकट नहीं मिला है। शुरूआती अटकलें थीं कि शेत मायेम सीट से चुनाव लड़ने के लिए राकांपा का दामन थामेंगे, लेकिन उन्होंने किसी दूसरी पार्टी या निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामाकंन भरने से इनकार कर दिया है। शेत ने कहा, मैं पार्टी के खिलाफ विद्रोह नहीं करूंगा, लेकिन संभवतः उम्मीदवार के पक्ष में काम भी नहीं करूंगा। पार्टी ने केन्द्रीय आयुष मंत्री श्रीपद यशोनाइक के बेटे सिद्देश नाइक को भी चुम्भारजुआ सीट से टिकट नहीं दिया है। पिछले महीने कांग्रेस के बागी नेताओं के भाजपा में शामिल होने से पहले सिद्देश इस सीट के एकमात्र प्रबल दावेदार थे। तीनों नेताओं के स्थान पर कांग्रेस से आए विजय पाई खोट (कानाकोना), प्रवीण ज्यांते (मायेम) और पांडुरंग मदकाईकर (चुम्भारजुआ) को टिकट मिला है।

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