नई दिल्ली: जाति, सम्प्रदाय में किसान को बांटकर एक वर्ग के रूप में नहीं उभरने दिया गया: हुकुमदेव नारायण यादव

2017-02-05 08:15:41.0

नई दिल्ली: जाति, सम्प्रदाय में किसान को बांटकर एक वर्ग के रूप में नहीं उभरने दिया गया: हुकुमदेव नारायण यादवनई दिल्ली: जाति, सम्प्रदाय में किसान को बांटकर एक वर्ग के रूप में नहीं उभरने दिया गया: हुकुमदेव नारायण यादव

नई दिल्ली : भाजपा सांसद हुकुमदेव नारायण यादव ने आरोप लगाया कि पिछले 65 वर्षो में किसानों को जाति और सम्प्रदाय में बांटने का प्रयास किया गया जिसके कारण किसान एक वर्ग के रूप में नहीं उभर सका और उसका शोषण होता रहा, मोदी सरकार किसानों को मजबूत बनाने का पुरजोर प्रयास कर रही है जिसका उदाहण गांव, गरीब और किसान को समर्पित बजट है। हुकुमदेव नारायण यादव ने कहा, किसान आज जाति और सम्प्रदाय की चक्की में पिसता जा रहा है और इसी कारण से उसका शोषण होता है। आज तक किसान एक वर्ग नहीं बन पाया। उन्होंने कहा, जिस दिन किसान एक वर्ग के रूप में संगठित हो जायेगा, अपने वर्ग हित को समझ लेगा, और राजसत्ता का सहयोगी बनेगा... उस दिन उसका भाग्य और भविष्य दोनों बदल जायेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 65 वर्षो से किसानों का शोषण हो रहा है और अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार स्थितियों को बदलने की पुरजोर कोशिश कर रही है जिसका उदाहरण केंद्रीय बजट है। कृषि संबंधी संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष यादव ने कहा कि बजट की दिशा गांव, गरीब और किसान तथा मजदूर, पिछड़े वर्ग, दलित और महिलाओं पर केंद्रित है तथा इनके सशक्तिकरण तथा बहुआयामी विकास के लिए यह स्वर्णिम बजट है। उन्होंने कहा कि खेती आज मजबूरी का विषय बन गया है। किसान को अगर आजीविका का दूसरा विकल्प मिल जाए, तो वह खेती करने को तैयार नहीं होता है। हमारी सरकार खेती को लाभप्रद बनाने का प्रयास कर रही है। बजट इसी दिशा में एक पहल है।

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