नई दिल्ली: आर्थिक स्वच्छता का अभियान है नोटबंदीः प्रधानमंत्री मोदी

2017-02-07 07:45:07.0

नई दिल्ली: आर्थिक स्वच्छता का अभियान है नोटबंदीः प्रधानमंत्री मोदीनई दिल्ली: आर्थिक स्वच्छता का अभियान है नोटबंदीः प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली : नोटबंदी की तुलना स्वच्छ भारत अभियान से करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ आथिक स्वच्छता का यह कदम सोच समझ कर ऐसे समय में उठाया गया जब अर्थव्यवस्था मजबूत थी और गरीबों के लिए शुरू की गयी लड़ाई से वह पीछे नहीं हटेंगे तथा उनका अगला कदम बेनामी सम्पत्ति रखने वालों पर होगा। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी का फैसला अकेले और अचानक लिये जाने के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ लोगों का कहना है कि जब अर्थव्यवस्था इतनी अच्छी चल रही थी तो आपने ऐसे समय में नोटबंदी का निर्णय क्यों किया। उन्होंने कहा, नोटबंदी के लिए यह समय सही था क्योंकि अर्थव्यवस्था मजबूत थी। जैसे डॉक्टर सर्जरी करने से पहले आदमी के शारीरिक मानदंडों को दुरस्त करता है। शरीर स्वस्थ हो तभी आपरेशन होता है। इसी तरह से यह फैसला हड़बडी में नहीं किया गया। जो लोग ऐसा समझते हैं तब उन्हें इसके लिए मोदी का अध्ययन करना पड़ेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में साल भर में जितना व्यापार होता है। उतना ही करीब दिवाली के आसपास होता है। दिवाली के बाद कुछ दिन काम सुस्त हो जाता है। यह उचित समय था कि जब सामान्य कारोबार ऊंचाइयों पर पहुंच गया हो तब ऐसा कदम (नोटबंदी) उठाया जाए। 50 दिन में स्थिति सामान्य हो जाने के संबंध में मेरा हिसाब किताब सही था। गाड़ी उसी प्रकार से चल रही है। नोटबंदी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार का प्रस्ताव तब भी आया था जब इंदिरा गांधी की सरकार थी और यशवंत राव चव्हाण उनके पास इस बारे में प्रस्ताव लेकर गए थे। तब इसे आगे इसलिए नहीं बढ़ाया गया क्योंकि आपको (कांग्रेस को) चुनाव की चिंता थी। हमें चुनाव की चिंता नहीं है, हमारे लिये देशहित महत्वपूर्ण हैं। कांग्रेस पर प्रहार जारी रखते हुए मोदी ने कहा कि चर्चा के दौरान आप (कांग्रेस) कह रहे थे कि कालाधन संपत्ति, हीरे जवाहरात के रूप में है। हम भी इस बात को मानते हैं। इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि भ्रष्टाचार का प्रारंभ नकदी से होता है। आगे इसका प्रवेश प्रोपर्टी, आभूषण आदि में होता है। प्रधानमंत्री ने बेनामी सम्पत्ति को लेकर आने वाले दिनों में सख्त कदम उठाने का संकेत देते हुए कहा कि सब लोग मुख्यधारा में आकर देश के गरीबों का भला करने के लिए योगदान दीजिए। उन्होंने कहा कि बेनामी संपत्ति रखने वाले भी प्रावधान पता कर लें, सीए से समझ लें। आगे इसी विषय को लेना है। नोटबंदी के कारण अपने उपर खतरा होने के गोवा में दिये गए बयान पर मोदी ने कहा कि कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ, बड़े बड़े लोगों के खिलाफ वह जो कदम उठा रहे हैं, उससे उनके उपर क्या बीतेगी, क्या जुल्म होंगे, उन्हें मालूम हैं, इसलिए ऐसा गोवा में कहा भी था। लेकिन फिर भी वह प्रण के साथ आगे बढ़ते रहेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय आयकर विभाग के अधिकारी मनमर्जी से कहीं भी चले जाते थे। नोटबंदी के बाद सारी चीजें रिकार्ड पर हैं। कहां से आया, किसने लाया, कहां रखा। अब अधिकारी केवल एसएमएस से पूछेंगे और आपको जानकारी मिल जायेगी। कोई अफसरशाही नहीं।मोदी ने कहा कि क्लीन इंडिया की तर्ज पर आर्थिक स्तर पर स्वच्छ भारत के लिए यह अभियान चल रहा है। बेनामी सम्पत्ति संबंधी कानून को अमलीजामा नहीं पहनाने के लिए कांग्रेस पर प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री ने सवाल किया, आपको मालूम है कि ये ही बुराइयों के केंद्र में हैं। तो आप लोग बताइए 1988 में जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे। नेहरूजी से ज्यादा बहुमत आपके पास था। आप ही आप थे, कोई नहीं था। 1988 में आपने बेनामी संपत्ति कानून बनाया लेकिन उसे अधिसूचित क्यों नहीं किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि 26 साल पहले कानून को अधिसूचित किया होता तो देश जल्दी साफ सुथरा हो जाता। मोदी ने कहा, आप किसी का नाम लेकर बच नहीं सकते। आपको देश को जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि उनकी कैबिनेट ने पहला निर्णय काले धन पर एसआईटी के गठन का लिया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार एसआईटी बनाई गयी। कालेधन पर पूर्ववर्ती संप्रग सरकार पर कदम नहीं उठाने का आरोप लगाते हुए मोदी ने 26 मार्च 2014 के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का जिक्र किया और कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी उस समय की सरकार के बारे में इस दिशा में कुछ नहीं करने की बात कही थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद सबसे पहले फैसले में हमने कालाधन के विषय पर एसआईटी गठित करने का निर्णय किया। विदेशों में जमा कालेधन के खिलाफ नया कठोर कानून बनाया, इस बजट में भी नये कानून की बात है। सजा भी सात से दस साल कर दी। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही मॉरीशस, सिंगापुर जैसे टैक्स हैवन पर काम किया। स्विट्जरलैंड से रियल टाइम सूचना देने का समझौता। अमेरिका जैसे देशों से समझौता किया गया। मोदी ने कहा कि हमने रियल इस्टेट विधेयक पारित किया। दो लाख रुपये से अधिक के आभूषणों की खरीद पर पैन नंबर देने की व्यवस्था बनाई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए कोई यह निर्णय नहीं करता। गरीबों का भला करना था, इसलिए फैसले किये। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आयकर घोषणा योजना लाई जिसमें अब तक सबसे ज्यादा पैसा घोषित किया गया। इसके अलावा 1100 से ज्यादा पुराने कानून निष्प्रभावी कर दिये। मोदी ने नोटबंदी के बाद बार बार नियम बदलने की बात पर कहा कि इस काम में हमने जनता की तकलीफ को समझकर उस हिसाब से रास्ता बनाने का प्रयास किया। जो लोग अवरोध पैदा करते थे उनके सामने भी रास्ता बनाने का काम करना था।

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