नई दिल्ली: छोटे व्यापारियों को डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए सशक्त कर रहा है पेटीएम का QR कोड

2017-02-08 08:00:20.0

नई दिल्ली: छोटे व्यापारियों को डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए सशक्त कर रहा है पेटीएम का QR कोडनई दिल्ली: छोटे व्यापारियों को डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए सशक्त कर रहा है पेटीएम का QR कोड

नई दिल्ली : पेटीएम ने आज यह घोषणा की कि उसका क्यूआर कोड आधारित भुगतान समाधान अब 35 लाख से ज्यादा व्यापारियों को डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए सशक्त कर रहा है। बड़े व्यवस्थित रिटेलर्स, अस्पताल, टोल्स, फूड कोर्ट से लेकर पड़ोसी दुकानों तक व्यापारियों की एक बड़ी श्रंखला में भुगतान करने के लिए उपभोक्ताओं द्वारा इस समाधान का प्रयोग सक्रियता से किया जा रहा है। पेटीएम क्यूआर कोड आधारित भुगतानों में निवेश करने वाली पहली कंपनी थी और इसका अनोखा स्कैन-टू-पे प्रयोक्ता प्रवाह पूरे देश में मोबाइल भुगतानों के साथ सर्वव्यापी बनता जा रहा है। पेटीएम के बड़े उपभोक्ता आधार और यूज-केसेस के विस्तार के साथ संयोजित इस शून्य लागत भुगतान समाधान ने कंपनी को देश में सबसे बड़े और सबसे तेजी से विकसित होते भुगतान नेटवर्क का निर्माण करने में सक्षम किया है। इस विकास पर बात करते हुए पेटीएम के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट दीपक अबॉट ने कहा, हमारा शून्य लागत क्यूआर कोड आधारित भुगतान प्रयोक्ताओं और व्यापारियों दोनों के लिए ही एक प्रकार से प्राथमिकता बन गया है। स्कैन-पेटीएम-क्यूआर-कोड-टू-पे मोबाइल भुगतान का पर्यायवाची बनता जा रहा है। इस प्रगति में और तेजी लाने के लिए, हम इस ऐप को क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराने और छोटे शहरों में भी व्यापारी अधिग्रहण नेटवर्क का विस्तार करने जैसी युक्तियों के माध्यम से नेटवर्क के क्षेत्र में आक्रामक नवाचार के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यह देखना मजेदार है कि एक बार हमारे व्यापारी और उपभोक्ता सहज डिजिटल भुगतान की ताकत का अनुभव कर लें, तो इससे उनके व्यवहार में तेज और स्थाई परिवर्तन आ जाता है। पेटीएम ने मुफ्त में डिजिटल भुगतान स्वीकार करना आरंभ करने में देश के व्यापारियों की मदद करने के लिए कई उपक्रम शुरू किए हैं। इसने 10 अलग-अलग क्षेत्रीय भाषाओं में अपना प्लेटफार्म उपलब्ध कराया है-हिंदी, तमिल, तेलुगू, गुजराती, मराठी, बंगाली, कन्नड़, मलयालम, उड़िया और पंजीबी, जिसकी वजह से छोटे शहरों से प्लेटफार्म के ट्राफिक में 5 गुना की वृद्धि देखी गई है। इसके कैशलेस भुगतान समाधान का प्रयोग करके पूरे भारत में भुगतान स्वीकार करने में व्यापारियों की मदद करने के लिए इसने 24'7 व्यापारी हेल्पलाइन भी आरंभ की है।

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