नई दिल्ली: केंद्र पर सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी, लोगों की सेहत पर भारत को डंपिंग यार्ड बनाना गलत

नई दिल्ली: केंद्र पर सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी, लोगों की सेहत पर भारत को डंपिंग यार्ड बनाना गलतकेंद्र पर सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी, लोगों की सेहत पर भारत को डंपिंग यार्ड बनाना गलत

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने भारत को डंपिंग यार्ड बनाने और विदेशों से कूड़ा लाकर अपने यहां डालने पर केंद्र सरकार की जमकर खिंचाई की है। कोर्ट का कहना है कि जनता की सेहत को दरकिनार कर पैसा कमाने की यह पाॅलिसी किसी भी सूरत में सही नहीं हो सकती है। चीफ जस्टिस जेएस खेहर के नेतृत्व में बनी बैंच ने इस मामले की सुनवाई के दौरान साफतौर पर कहा कि सरकार इस बाबत बने नियमों और कानूनों को ताक पर रखकर कोई फैसला नहीं ले सकती है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि आप विदेशों से खतरनाक कचरा लाकर यहां पर डाल रहे हैं और ऐसा करने की अनुमति भी दे रहे हैं। भले ही आप इससे पैसा कमा रहे हैं लेकिन दूसरी ओर इसका खामियाजा आम जनता उठा रही है। इस दौरान कोर्ट ने केंद्र को अधिक दिनों की अनुमति देने से साफ इंकार करते हुए 31 मार्च तक जवाब देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान साफतौर पर कहा कि केंद्र सरकार आम जनता की सेहत से खिलवाड़ नहीं कर सकती है। कोर्ट ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए केंद्र को हलफनामा दायर करने का आदेश दिया है। इस मामले की सुनवाई चार सदस्यीय बैंच कर रही है। इसमें चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस रामणा, जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस एसके कौल शामिल हैं। इस मामले में वकील संजय पारेख एक एनजीओ रिसर्च फाउंडेशन फॉर र्साइंस की तरफ से पेश हुए थे। उनका आरोप था कि ऑथरिटी ने भारत में खतरनाक कूड़े को डंप करने की इजाजत दी है जिसका प्रतिकूल असर आम जनता की सेहत पर पड़ रहा है। उनका आरोप था कि इस मामले में सभी नियमों को ताक पर रखा गया है। इससे पूर्व कोर्ट ने गुजरात के तट पर आए एक पुराने जहाज को काटने की इजाजत देने से इंकार कर दिया था। एनजीओ का कहना था कि इस तरह के जहाजों से खतरनाक कचरा भारत लाकर यहां के वातावरण को प्रदूषित किया जा रहा है।

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