बागपत में अनशन पर बैठे किसान की हालत बिगड़ी

2016-12-02 00:00:13.0

बागपत : बागपत में गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे किसान संजीव खोकर की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। 72 घंटे बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली है। अब किसानों ने जिला प्रशासन पर सुविधाओं से वंचित करने का भी आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि जब तक गन्ने के भुगतान की समस्या हल नहीं हो जाती है तब तक आमरण अनशन चलता रहेगा। गौरतलब है कि किसानों का 249 करोड़ रुपए मलकपुर गन्ना मिल पर बकाया है और किसान गन्ना भुगतान की मांग कर रहे है। दो वर्ष बीत जाने के बाद भी उनको गन्ने का भुगतान नहीं किया गया है जिसके चलते किसान धरना प्रदर्शन कर रहे है। छपरौली के चेयरमैन पिछले 72 घंटों से अन्न त्याग कर कलेक्ट्रेट पर धरना दे रहे हैं लेकिन अब उनकी हालत बिगड़ने लगी है। जिला प्रशासन से नाराज चार और किसान क्रमिक अनशन पर बैठ गए हैं और किसानों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि अब वे तभी अनशन से उठेंगे, जब उनके गन्ने का भुगतान हो जायेगा। अगर गन्ना का भुगतान नहीं हुआ तो उनकी लाश ही इस धरना स्थल से जायेगी। इतना ही नही किसानों ने जिला प्रशासन पर उपेक्षा का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि धरना स्थल पर न तो रात में सोने का इंतजाम किया गया है और न ही शौचालय का कोई प्रबन्ध है। किसानों को खुले में शौच के लिये जाना पड़ रहा है। धरना स्थल पर साफ सफाई भी खुद ही करनी पड़ रही है। अब किसान आरपार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि अब महिलाएं भी धरना स्थल पर पहुँचेगी और जिला प्रशासन के खिलाफ आंदोलन को तेज किया जायेगा।

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