नई दिल्ली: स्वच्छ भारत अभियान अफसरों के लिए बना लूट का माध्यम

2016-12-30 11:00:42.0

नई दिल्ली: स्वच्छ भारत अभियान अफसरों के लिए बना लूट का माध्यम

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान देश की राजधानी में अधिकारियों के लिए लूट-खसोट का माध्यम बनता दिखाई दे रहा है। अभी हाल में जो स्वच्छ भारत अभियान के तहत दस नए कूडा उठाने वाले ट्रक खरीदे गए और दो दिन पहले उन्हें हरी झंडी दिखाई गई, उनमें से आठ काम नहीं कर पा रहे है। पूर्वी निगम के तकनीकी स्टाफ की मानें तो छह टन कूडा भरने के बाद उन्हें गाजीपुर लेंड फील्ड साइट की पहाडी पर पहुंचाना भी कठिन हो रहा है। इसके अलावा गैयर बदलने में भी समस्या न ट्रकों में आडे आ रही है। स्टाफ की मानें तो इन नए वाहनों की आवश्यकता ही नहीं थीं। यदि दस नए ट्रक खरीद भी लिए गए तो किराए पर हासिल कूडा उठाने वाले ट्रकों से दस को तत्काल हटाया जाना चाहिए। हालांकि निगम महापौर सत्या शर्मा और स्टेंडिंग कमेटी चेयरमैन जितेंद्र चौधरी ने आठ ट्रकों के काम न करने के मामले को लेकर अनभिज्ञता जतायी है। श्री चौधरी ने कहा कि यदि ट्रक काम नहीं कर रहे है तो कंपनी को बदले में दूसरे ट्रक उपलब्ध कराने होंगे। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले निगम प्रशासन द्वारा टाटा कंपनी से कूडा उठाने वाले दस ट्रकों की खरीद की है। दावा किया गया कि चुनौती पूर्ण ढलाब घर अब दिन में दो बार साफ किए जाएंगे। अभी तक तो ये मामला चर्चा में बना हुआ था कि इन ट्रकों की खरीद निगम आयुक्त मोहन जीत सिंह ने खुद के पफैसले से की है। इसके लिए सदन अथवा स्टेंडिंग कमेटी को भी विश्वास में नहीं लिया गया। जब नए ट्रकों की स्थिति झिलमिल कालोनी स्थित आरआरडिपो में तकनीकी स्टाफ से जानकारी हासिल की तो स्टाफ का तर्क था कि दस में से आठ नए ट्रक काम नहीं कर रहे है। इनमें सबसे बडी समस्या आडे ये आ रही है कि इनका गियर नहीं बदला जा रहा है। दूसरी बडी समस्या यदि छह टन कूडा भर लिया जाए तो उसे गाजीपुर लेंड फील्ड साइट की पहाडी तक पहुंचाया नहीं जा सकता,बल्कि ट्रक के पलटने का खतरा बना हुआ है। स्टाफ की मानें तो इन इस नए ट्रकों की आवश्यकता ही नहीं थीं,निगम के 70 अपने ट्रक पर्याप्त है। किराए पर जो बीस ट्रक कूडा उठाने के वास्ते लिए गए वह कंपनियों और विभाग के अधिकारियों की मिली भगत का परिणाम है। वजह पिछले दिनों एकाएक जो कूडा उठाने वाले ट्रकों के खराब होने का मामला सामने आया उसकी वजह गाजीपुर लेंड फील्ड साइट पर कांच के टुकडे बिखेरा जाना था,नतीजा ये रहा है कि बडी संख्या कूडा उठाने वाले वाहनों ने धोखा दिया। स्टाफ ने ये भी खुलासा किया कि पिछले दिनों एक रोड लागत की पाप लेन मशीन खरीदी गई वह कई माह से दिखाबा बनी हुई है।

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