पटना: दीनदयाल की भेंट है सांस्कृतिक राष्ट्रवाद: अमित शाह

2017-01-11 10:00:20.0

पटना: दीनदयाल की भेंट है सांस्कृतिक राष्ट्रवाद: अमित शाह

पटना : भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने यहां मंगलवार को पंडित दीन दयाल उपाध्याय के दर्शन को समर्पित कार्यो की एक श्रृंखला पंडित दीन दयाल उपाध्याय संपूर्ण वा्मय का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि देश को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का विचार पंडित उपाध्याय की ही भेंट है और इस विचार पर आधारित जो बीज उन्होंने जनसंघ (अब भाजपा) के रूप में बोया था, वह आज एक विशाल वटवृक्ष के रूप में सामने है। पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हाॅल में आयोजित एक समारोह में उन्होंने कहा कि जनसंघ के संस्थापक व एकात्म मानववाद के प्रचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के संपूर्ण विचारों, बौद्धिक संवादों और आलेखों के लिए अब लोगों को भटकना नहीं पड़ेगा। गुजरात के नरनपुरा से विधायक शाह ने जनसंघ की स्थापना का जिक्र करते हुए कहा कि अगर कोई मानता है कि जनसंघ की स्थापना एक बहुत बड़े राजनीतिक दल के रूप में स्थापित करने के लिए की गई थी तो यह गलत है। उन्होंने कहा, जनसंघ की स्थापना का निर्णय सत्ता प्राप्त करने के लिए नहीं बल्कि देश को एक वैकल्पिक नीति देने के लिए की गई थी। उस वक्त लोगों को लग रहा था कि नेहरू सरकार देश के लिए जो नीतियां बना रही हैं, वे नीतियां पश्चात्य नीतियों के प्रभाव से बन रही हैं। उन नीतियों के रास्ते पर यदि यह देश चलता रहा तो पीछे मुड़ने का भी रास्ता नहीं मिलेगा, उन्हें लगा कि इन नीतियों के सामने एक वैकल्पिक नीति रखना बहुत जरूरी है, जिसमें मिट्टी की सुगंध हो और इसी कारण जनसंघ की स्थपना हुई। उन्होंने कहा कि आज के समय में यदि कोई जनसंघ और कांग्रेस में मूलभूत अंतर स्पष्ट करने को कहे तो अंतर यह है कि कांग्रेस देश का नवनिर्माण करना चाहती थी, जबकि जनसंघ देश की गौरवपूर्ण विरासत के आधार पर देश का पुनर्निर्माण करना चाहती थी। शाह ने कहा, जनसंघ का मानना था कि भारतीय संस्कृति की विरासत सर्वोच्च थी, कुछ परिस्थितियां ऐसी आ गईं कि देश को गुलाम होना पड़ा, हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत की नींव पर ही देश का पुनर्निर्माण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य की सभी राजधानी में इस पुस्तक का लोकार्पण किया जाएगा। 15 संस्करण वाले इस संग्रह में उपाध्याय के बताए गए भारतीयता के प्रतिरूप के आधार पर समकालीन समस्याओं को सुलझाने के दृष्टिकोण एवं समीक्षात्मक विश्लेषण पर प्रकाश डाला गया है। शाह ने दीनदयाल शताब्दी वर्ष मनाए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके लिए यह गौरव की बात है, जब यह जनशताब्दी वर्ष मनाया गया, तब पार्टी के वह अध्यक्ष रहे। इस कार्यक्रम में वा्मय के संपादक डॉ़ महेश चंद्र शर्मा और वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर राय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। शाह मंगलवार को एकदिवसीय दौरे पर पटना पहुंचे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वह पटना हवाईअड्डे पर उतरने के बाद सीधे गुरु गोविंद सिंह की जन्मस्थली तख्त श्री हरमंदिर साहिब पहुंचकर मत्था टेका और गुरुद्वारे में बैठकर कीर्तन सुनी। गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने उन्हें सिरोपा भेंट किया। इसके बाद वह सीधे पार्टी प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां बिहार के पार्टी नेताओं के साथ विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। पटना हवाईअड्डे पर पहुंचने के बाद भाजपा के कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़े के साथ शाह का स्वागत किया और समर्थन में नारे लगाए। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह, रवि शंकर प्रसाद, गिरिराज सिंह, रामपाल यादव, बिहार भाजपा के नेता नित्यानंद राय, मंगल पांडेय, सुशील कुमार मोदी, नंदकिशोर यादव, सहित कई बड़े नेता उपस्थित थे।

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