भारत एवं पाकिस्तान के बीच वार्ता ही शांति का एकमात्र तरीका है : महबूबा

2016-12-13 23:00:00.0

भारत एवं पाकिस्तान के बीच वार्ता ही शांति का एकमात्र तरीका है : महबूबा

Jammu : भारत एवं पाकिस्तान के बीच वार्ता ही शांति का एकमात्र तरीका होने की बात पर बल देते हुए जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सुझाव दिया है कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार को अटल बिहारी वाजपेयी की नीति अपनानी चाहिए। उन्होंने कारगिल आक्रमण और संसद पर हमले के बावजूद धैर्य बरता था। मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान को उसका वह वादा पूरा नहीं करने के लिए आड़े हाथ लिया जो उसने वाजपेयी के समक्ष किया था कि उसकी भूमि का भारत के खिलाफ आतंकवाद के लिए उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। युद्ध किसी समस्या का विकल्प नहीं होने की बात पर बल देते हुए उन्होंने कहा, हम युद्ध की मुद्रा में कब तक रह सकते हैं। वार्ता शांति लाने का एकमात्र समाधान है। वाजपेयी के कदमों का उल्लेख करते हुए महबूबा ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा 1999 में कारगिल आक्रमण करने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के पास बड़ा युद्ध करने के सभी कारण थे किन्तु उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा, इसके बाद संसद हमला हुआ। फिर भी उन्होंने धैर्य को चुना और कहा कि मित्र बदले जा सकते हैं, पड़ोसी नहीं। उन्होंने 1947 के शरणार्थियों के कार्यक्रम को सोमवार को यहां सम्बोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके बाद ही पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने घोषणा की कि पाकिस्तान की भूमि का उपयोग भारत के विरूद्ध नहीं करने दिया जाएगा जिसके परिणामस्वरूप जम्मू कश्मीर में आतंकवाद में कमी आयी। उन्होंने कहा, केन्द्र सरकार को भी इसी दिशा में सोचना चाहिए ताकि पाकिस्तान को उस स्तर पर लाया जा सके जैसा कि वाजपेयी के काल में देखा गया। महबूबा की टिप्पणी भारत और पाकिस्तान के बीच घने तनाव के बीच आयी है। उन्होंने कहा, हमें वाजपेयी के काल में जाना होगा जब दोनों पड़ोसी देशों के बीच शत्रुता बहुत कम थी और कारगिल एवं संसद हमले जैसे भड़कावे वाली घटनाओें के बावजूद युद्ध के विकल्प पर विचार तक नहीं किया गया। उन्होंने कहा, बल्कि इससे दोनों पक्षों के बीच दिल और दिमाग खुले जिसके फलस्वरूप सीमाएं खुलीं, व्यापार बहाल हुआ और लोगों के बीच संपर्क बढ़ा। महबूबा ने कहा, हम कई सालों से कश्मीर मुद्दे का हल करने की जद्दोजेहद कर रहे हैं। मैं महसूस करती हूं कि यदि हम सभी- जम्मू, लद्दाख और कश्मीर के लोग, राज्य एवं केंद्र की सरकारें साथ मिलकर काम करें तो हम इन गांठों को दूर कर पायेंगे। उन्होंने कार्यक्रम में कहा कि पाकिस्तान भी आतंकवाद का सामना कर रहा है और निकट अतीत में वहां आतंकवाद के कारण 500-600 लोग मारे गए हैं। इस कार्यक्रम में भाजपा नेता एवं उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह भी मौजूद थे।

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