UP के आगरा में 250 हॉस्पिटल और क्लीनिकों के लाइसेंस निरस्त

UP के आगरा में 250 हॉस्पिटल और क्लीनिकों के लाइसेंस निरस्त

आगरा। स्वास्थ्य विभाग ने रिन्यूवल न कराने वाले 250 हास्पिटलों और क्लीनिकों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। इनको नोटिस भेजे जा रहे हैं। विभाग में करीब 1290 हास्पिटल-क्लीनिक पंजीकृत हैं।सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चिकित्सकीय संस्थानों को हर साल रिन्यूवल कराना है। इसमें 17 विभागों की एनओसी लगनी है। 2016-17 के लिए अधिकांश हॉस्पिटलों और क्लीनिक प्रशासन ने रिपोर्ट नहीं दी। इन्हें नोटिस देकर रिन्यूवल के लिए कहा गया। सीएमओ डा. बीएस यादव ने बताया कि ऐसे करीब 250 हास्पिटल-क्लीनिक के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। कई इसमें से बंद ही हो चुके हैं। इन अस्पतालों के चालू मिलने पर एफआईआर कराई जाएगी।पिछले साल करीब 1290 हास्पिटल-क्लीनिक पंजीकृत थे। इसमें यूनानी, आयुर्वेद, होम्योपैथी के क्लीनिक-अस्पताल भी शामिल थे। अब इनका पंजीकरण यहां न होेकर अलग कर दिया गया है। ऐसे में करीब 250 एलौपैथी हास्पिटल-क्लीनिक ने पंजीकरण रिन्यूवल नहीं कराया, जिनको निरस्त कर दिया है। नगर निगम, एडीए, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, अग्निशमन विभाग, बायोवेस्ट व अन्य विभागों के अलावा चिकित्सक का नाम-डिग्री, नर्सिंग स्टाफ का शैक्षणिक रिकार्ड, सुविधाएं, बेड संख्या की जानकारी। हाईकोर्ट ने 2004 में चिकित्सकीय संस्थानों को हर साल रिन्यूवल का आदेश दिया था, इस पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सुप्रीम कोर्ट चली गई। 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने इस निर्णय को बरकरार रखा। ऐसा न करने वाले अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त किए जाने थे। इसका अमल न होने पर आरटीआई कार्यकर्ता एचएस जाफरी ने कोर्ट में रिट दायर की है। इस पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है।

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