स्किन इन्फेकशन से बचाने के लिए ये लोग गौमूत्र से नहाते हैं : हैरानी वाली बात यह हैं कि ये लोग भीषण गर्मी से शरीर को बचाने के लिए रोजाना गौमूत्र से नहाते हैं

स्किन इन्फेकशन से बचाने के लिए ये लोग गौमूत्र से नहाते हैं : हैरानी वाली बात यह हैं कि ये लोग भीषण गर्मी से शरीर को बचाने के लिए रोजाना गौमूत्र से नहाते हैं

दुनिया में कई अजीबोगरीब परंपराएं और रीति रिवाज देखने को मिलते हैं। एेसी ही एक जनजाति अफ्रीका के साउथ सूडान में पाई जाती है। यह नील नदी के किनारे रहते हैं।यहां के रहने वाने मुदांरी जनजाति अपने अनोखे रहन सहन की वजह से दुनिया भर में मशहूर हैं। यहां के लोगों की जीवनरेखा पशुओं पर टिकी हैं। इस जनजाति के लोग रोजाना गौमूत्र से नहाते हैं। हमारे देश में लोग गाय के गोबर और मूत्र का इस्तेमाल पूजा पाठ करने के लिए करते है लेकिन यहां लोग बीमारियों से बचने के लिए गोबर का लेप अपने शरीर पर लगाते हैं। यहां के लोगों की जीवनरेखा पशुओं पर टिकी हुई है। जिनमें गाय और बैल सबसे ख़ास हैं।इनके रहन-सहन के तरीके भी बहुत दिलचस्प हैं।अपने विषम भौगोलिक पर्यावरण से तालमेल बैठाने के लिए इन्होंने कई अजीब तरकीबें इजाद कर रखी हैं।अपने शरीर को भीषण गर्मी से होने वाले स्किन इन्फेकशन से बचाने के लिए ये लोग गौमूत्र से नहाते हैं।हैरानी वाली बात यह हैं कि ये लोग भीषण गर्मी से शरीर को बचाने के लिए रोजाना गौमूत्र से नहाते हैं। यहां शादी-ब्याह में दहेज के रूप में भी गाय को ही दिया जाता है। गाय और भैंस यहां के लोगों के लिए रोजगार का सबसे बड़ा माध्यम भी है। कहीं गाय चोरी न हो जाएं इसके लिए यहां के लोग अपनी गाय के साथ सोते हैं। यहां के लोगों के बीच गाय को लेकर बहुत लड़ाईयां भी होती हैं। इस लड़ाईयों में कई लोग मारे जा चुके हैं।

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