नई दिल्ली: BJP शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ शाह और पीएम की बैठक शाम को

नई दिल्ली: BJP शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ शाह और पीएम की बैठक शाम कोBJP शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ शाह और पीएम की बैठक शाम को

नई दिल्ली : भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी शासित राज्यों में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा के लिए आज शाम को मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में भाजपा शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री शामिल होंगे। बैठक में हिस्सा लेने के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास, असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फणनवीस दिल्ली पहुंच चुके हैं। शेष भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और राजग शासित राज्यों के उपमुख्यमंत्री भी दोपहर तक राष्ट्रीय राजधानी पहुंचेंगे। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में होने वाली इस बैठक में पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से उनके सूबे में केंद्रीय योजनाओं की स्थिति की जानकारी ली जाएगी। बैठक में केंद्रीय योजनाओं को भाजपा शासित राज्यों में प्रभावी ढ़ंग से लागू करने पर भी चर्चा होगी। इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, त्रिवेन्द्र सिंह रावत, वसुंधरा राजे, रमन सिंह, शिवराज सिंह चौहान, देवेन्द्र फणनवीस, मनोहर परिकर, मनोहर लाल खट्टर, सर्वांनंद सोनवाल, रघुवर दास समेत सभी भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और भाजपा व सहयोगी दलों के शासन वाले राज्यों के उपमुख्यमंत्री उपस्थित रहेंगे। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, यह बैठक हर तीन माह में होने वाली सामान्य बैठक है। मौजूदा हालात में इसका महत्व इसलिए ज्यादा समझा जा रहा है क्योंकि पार्टी ने 2019 आम चुनाव की तैयारियों के लिए 350 लोकसभा सीटों ता लक्ष्य भी तय कर लिया है। बीते सप्ताह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर उन सीटों पर ज्यादा ध्यान देने का निर्देश दिया जहां पार्टी पिछला चुनाव हारी थी या फिर ऐसी सीटें जहां भाजपा कभी जीती ही नहीं। ऐसी सीटों के लिए केंद्रीय मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्रियों की बैठक में अभी से उनकी भी जिम्मेदारी तय की जा सकती है। समझा जा रहा है कि बैठक के औपचारिक एजेंडे में मुख्यतः केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन, राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही विशेष योजनाओं, केंद्र-राज्य सामंजस्य, केंद्र के अधिकारियों के साथ राज्य के अधिकारियों का संवाद जैसा मुद्दा शामिल रहेगा।

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