बीजिंग: जब्त अमेरिकी ड्रोन को वापस नहीं करेगा चीन माफी की मांग : चीनी मीडिया

2016-12-19 22:15:19.0

बीजिंग: जब्त अमेरिकी ड्रोन को वापस नहीं करेगा चीन माफी की मांग : चीनी मीडिया

बीजिंग : अमेरिका के अंडर वाटर स्पाई ड्रोन को चीन ने वापस देने से इंकार कर दिया है। चीन के एक्सपर्ट और वहां की मीडिया के मुताबिक यह चीन के स्पाई मिशन का हिस्सा था, लिहाजा अब इसे वापस नहीं किया जाएगा। दरअसल इस ड्रोन को लेकर अमेरिका के चुने गए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने चीन को न सिर्फ चोर बताया है, बल्कि यहां तक कहा कि इस ड्रोन को अब उसे खुद ही रख लेना चाहिए। ट्रंप ने अपनी यह प्रतिक्रिया ट्विटर पर व्यक्त की है। गौरतलब है कि अमेरिका के मानवरहित अंडरवाटर व्हीकल (यूयूवी) को चीन ने गुरुवार को अपने कब्जे में ले लिया था। इस वाकये के तुरंत बाद पेंटागन ने इसकी वापसी के लिए कोशिशें करनी शुरू कर दी थीं। इसके तहत पेंटागन ने चीन से बात भी की थी, जिसके बाद चीन ड्रोन को वापस करने के लिए सही रास्ते की तलाश भी कर रहा था। इस बीच उसने अमेरिका पर उसकी जासूसी करने का भी आरोप लगाया था। इसकी वजह यह भी है कि चीन हमेशा से ही साउथ चाइना सी को लेकर अमेरिका पर शक करता रहा है। वहीं पेंटागन के मुताबिक वह नियमों के तहत ही अपने इस व्हीकल से फिलीपींस से करीब 50 नॉटिकल मील दूरी पर मौजूद सुबिक वे के समुद्र में तापमान और अन्य चीजों की जानकारी जुटा रहा था। यह ड्रोन यूएसएनएस बॉडविच पर तैनात था, जो कि चीन के समुद्र में लगातार 2002 से ही अपनी सेवाएं दे रहा है। चीन की मीडिया के मुताबिक वर्ष 2001 और 2002 में भी यह जहाज इस तरह की कार्रवाई में लिप्त पाया गया था। चीन के नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नॉलिजी के डायरेक्टर झांग हुआंग के मुताबिक यह अमेरिकी ड्रोन समुद्र में चीन की पनडुब्बियों के रास्ते की जानकारी जुटाने में लगा था। उनके मुताबिक इसके द्वारा जुटाई गई जानकारी देश के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। चीन के एक अन्य जानकार नी लैक्सांग के मुतााबिक साल 2001 में भी चीन के एक जेट ने अमेरिका के एक स्पाई ड्रोन को देखा था और इस चक्कर में यह जेट क्रेश हो गया था, जिसमें विमान के पायलट की मौत हो गई थी। इसके बाद ड्रोन को जबरन उतारा गया था। नी के मुताबिक मौजूदा घटना से चीन और अमेरिका के रिश्तों में कुछ बदलाव नहीं आने वाला है। उन्होंने मांग की है कि अमेरिका को अपने इस कृत्य के लिए चीन से माफी मांगनी चाहिए। गौरतलब है कि पिछले 11 दिनों में करीब 44 एयर क्रू मैंबर्स को चीन ने हिरासत में लिया है। इसके बाद भी अमेरिका ने कोई माफी नहीं मांगी है। जार्ज डब्ल्यू बुश के पहले कार्यकाल के दौरान भी दोनों देशों के बीच संबंध बेहद निचले स्तर पर आ गए थे।

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